फिलिस्तीन दलों की ओर से जवाबी हमलों से बेहाल इस्राईल, क़तर और मिस्र समेत इलाक़ाई देशों की मदद से सीज़ फायर की नाकाम कोशिशों के बाद अपने अत्याधुनिक मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम डेविड्स स्लिंग को तैनात करने के बाद भी ताल अवीव आने वाले मिसाइलों का रास्ता रोकने में बुरी तरह नाकाम हो रहा है।
हालाँकि ज़ायोनी मीडिया ने दावा करते हुए कहा है कि जेहादे इस्लामी से सीज़ फायर के लिए तल अवीव की बातचीत जारी है लेकिन फिलिस्तीनी दलों ने इन दावों को झुटला दिया है। इस्राईल के बर्बर वहशियाना हमलों के जवाब में फिलिस्तीनी दलों की ओर से इस्राईल पर कम से कम 800 रॉकेट्स दाग़े गए हैं जिनमे से इस्राईल के चर्चित मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम सिर्फ एक चौथाई मिसाइलों को ही रोक सके हैं।
आयरन डॉम की लगातार नाकामी के बाद इस्राईल ने अपने बहुचर्चित मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम डेविड्स स्लिंग को तैनात किया था ताकि ग़ज़्ज़ा से फायर होने वाला को रॉकेट तल अवीव तक न पहुँच सके। लेकिन प्रतिरोधी दलों की मिसाइल ने डेविड्स स्लिंग को छकाते हुए आसानी से तल अवीव के पास ज़ायोनी कॉलोनी को अपना निशाना बनाया जिसमे 1 ज़ायोनी मारा गया और 9 घायल हुए है।
बुधवार शाम को ही ज़ायोनी सेना ने खबर देते हुए कहा था कि हमने पहली बार इस मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम को एक्टिव किया है।
इस्राईली कंपनी "राफेल" और अमेरिकी कंपनी "राइट ऑन" के जॉइंट प्रोडक्ट डेविड्स स्लिंग को ज़ायोनी और हिब्रू मीडिया बहुत बढ़ा चढ़ा कर पेश करती थी इसे ज़ायोनी हलकों में जादू की छड़ी कहा जाता था। ज़ायोनी लॉबी का दावा था कि अडवांस्ड मिसाइल तकनीक से लैस यह सिस्टम किसी भी मिसाइल हमले को नाकारा बनाते हुए 40 से 300 किलोमीटर दूर तक दुश्मन ड्रोन को पहचान कर उन्हें नेस्तोनाबूद करने में सक्षम है।
फिलिस्तीन दलों की ओर से इस्राईल के वहशियन हमलों के जवाब में सेलेक्टेड और एक लिमिट में किये गए हमलों ने दुनियाभर को हैरत में डाल दिया है। जहाँ एक ओर कुछ वर्षों पहले तक पत्थरों की मदद से इस्राईल के टैंकों का मुक़ाबला करने वाली फिलिस्तीन क़ौम की बढ़ती ताक़त दुनिया के सामने आयी है वहीँ इस्राईल और उसकी तथाकथित टेक्नोलॉजी पावर का ढोल भी फट गया है।